वैसे तो शिक्षा हर नागरिक का अधिकार भी है और आवश्यक भी।क्योंकि शिक्षा के बिना न तो व्यक्ति अपने कर्तव्य के प्रति सचेत हो सकता है और न ही अपने अधिकारो के प्रति जागरूक ।और अगर बात बेटियों की शिक्षा की हो तब वह और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि बेटी दो घरो को सम्भालती है।चाहे वह पढ लिख कर नोकरी ना भी करे तब भी वह अपने बच्चो को शिक्षित करने मे उनका सहयोग कर सकती है।एक घर को अच्छे से चलाने के लिए उस घर को अच्छे से व्यवस्थित करने की जरूरत होती है ।घर के बजट से लेकर परिवार के सदस्यों की देखभाल करने के लिए घर की महिला का शिक्षित होना अति आवश्यक है क्योंकि महिला परिवार की एक धुरी होती है और पूरा परिवार उसके इर्द गिर्द घूमता है। इसलिए मैंने बेटियों की शिक्षा के लिए एक अभियान चलाया ताकि हर बेटी काम से काम बारहवीं तक जरूर पढे ।

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